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वित्तीय समावेशन, डिजिटल नवाचार से ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स तक, भारतीय डाक सुदूर
क्षेत्रों तक निभा रहा अहम भूमिका- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
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भारतीय डाक विभाग अपनी दूरदर्शी कार्यशैली और ‘डाक सेवा-जन सेवा’ के मूल मंत्र
के साथ देश के कोने-कोने तक विश्वसनीय एवं सुलभ सेवाएँ पहुँचाने में निरंतर
अग्र...
2 दिन पहले
1 टिप्पणी:
आपकी रचना वाकई तारीफ के काबिल है .
* किसी ने मुझसे पूछा क्या बढ़ते हुए भ्रस्टाचार पर नियंत्रण लाया जा सकता है ?
हाँ ! क्यों नहीं !
कोई भी आदमी भ्रस्टाचारी क्यों बनता है? पहले इसके कारण को जानना पड़ेगा.
सुख वैभव की परम इच्छा ही आदमी को कपट भ्रस्टाचार की ओर ले जाने का कारण है.
इसमें भी एक अच्छी बात है.
अमुक व्यक्ति को सुख पाने की इच्छा है ?
सुख पाने कि इच्छा करना गलत नहीं.
पर गलत यहाँ हो रहा है कि सुख क्या है उसकी अनुभूति क्या है वास्तव में वो व्यक्ति जान नहीं पाया.
सुख की वास्विक अनुभूति उसे करा देने से, उस व्यक्ति के जीवन में, उसी तरह परिवर्तन आ सकता है. जैसे अंगुलिमाल और बाल्मीकि के जीवन में आया था.
आज भी ठाकुर जी के पास, ऐसे अनगिनत अंगुलीमॉल हैं, जिन्होंने अपने अपराधी जीवन को, उनके प्रेम और स्नेह भरी दृष्टी पाकर, न केवल अच्छा बनाया, बल्कि वे आज अनेकोनेक व्यक्तियों के मंगल के लिए चल पा रहे हैं.
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